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प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापार

प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापार
अब तक बांग्लादेश और पाकिस्तान से होने वाले निवेश के लिए ही सरकार की अनुमति की जरूरत थी। भारत सरकार ने कोविड-19 महामारी की वजह से भारतीय कंपनियों का 'अवसरवादी तरीके से टेकओवर/अधिग्रहण' को रोकने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से जुड़ी नीतियों की समीक्षा के बाद यह फैसला किया।

पृष्ठ : Satya Ke Prayog - Mahatma Gandhi.pdf/५१३

जिस समय' स्वदेशीके नामपर यह प्रवृत्ति शुरू हुई उस समय मिलमालिकोंकी ओरसे मेरी खुब टीका होने लगी । भाई उमर सुबानी स्वयं होशियार और सावधान मिल-मालिक थे, इसलिए वह अपने ज्ञानसे तो मुझे फायदा पहुंचाने ही थे; लेकिन साथ ही वह दूसरोंके मत भी मुझे सुनाते थे । उनके एक मिल मालिककी दलीलका असर भाई उमर सुबानीपर भी पड़ा और उन्होंने मुझे उनके पास ले चलने की बात कही। मैंने उनकी इस बात स्वागत किया और हम उन मिल-मालिक के पास गये । वह कहने लगे-

" यह तो आप जानते हैं न कि आपका स्वदेशी आंदोलन कोई पहला आंदोलन नहीं है ?"

मैंने जवाब दिया- "जी हां ।"

" आप यह भी जानते हैं कि बंग-भंगके दिनोंमें स्वदेशी-आंदोलनने खूब जोर पकड़ा था ? इस आंदोलनसे हमारी मिलोंने खूब लाभ उठाया था और कपड़े की कीमत बढ़ा दी थी, जो काम नहीं करना चाहिए, वह भी किया था ।"

बिज़नेस / भारत के एफडीआई नियम में सख्ती पर भड़का चीन, बताया WTO सिद्धांतों के खिलाफ

भारत के एफडीआई नियम में सख्ती पर भड़का चीन, बताया WTO सिद्धांतों के खिलाफ

बिज़नेस डेस्क | भारत द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियम में बदलाव पर चीन भड़क गया है। चीन ने इसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के खिलाफ बताया है। नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापार के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि कुछ खास देशों से प्रत्यक्ष विदेश निवेश के लिए भारत के नए नियम डब्ल्यूटीओ के गैर-भेदभाव वाले सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं और मुक्त व्यापार की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ हैं।

अधिकारी ने कहा कि ‘अतिरिक्त बाधाओं’ को लागू करने वाली नई नीति G-20 समूह में निवेश के लिए एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण और पारदर्शी वातावरण प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापार के लिए बनी आम सहमति के खिलाफ भी है।

वित्त मंत्री ने दिए आर्थिक अपराधियों की के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। कोरोना वायरस के देश में आने के बाद से देश के आर्थिक हालत काफी गंभीर हो गए थे। तब से अब तक देश की अर्थव्यवस्था में काफी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था में सुधार आने की बात कही थी। वहीं, अब उन्होंने राजस्व खुफिया निदेशालय और सीमा शुल्क विभाग को सुनिश्चित करने कहा है।

वित्त मंत्री ने दी बधाई :

दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्व खुफिया निदेशालय और सीमा शुल्क विभाग से आर्थिक अपराध करने वालों से सख्ती से निपटे को आदेश दिए हैं। इसके अलावा वित्त मंत्री सीतारमण ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापार CBIC) के अंतर्गत आने वाले DRI के 63वें स्थापना दिवस के मौके पर उनके अधिकारियों को खासकर कोविड के दौरान उनके कामकाज और सराहनीय सेवा के लिये बधाई दी।

बिज़नेस / भारत के एफडीआई नियम में सख्ती पर भड़का चीन, बताया WTO सिद्धांतों के खिलाफ

भारत के एफडीआई नियम में सख्ती पर भड़का चीन, बताया WTO सिद्धांतों के खिलाफ

बिज़नेस डेस्क | भारत द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियम में बदलाव पर चीन भड़क गया है। चीन ने इसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के खिलाफ बताया है। नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि कुछ खास देशों से प्रत्यक्ष विदेश निवेश के लिए भारत के नए नियम डब्ल्यूटीओ के प्रवृत्ति के खिलाफ व्यापार गैर-भेदभाव वाले सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं और मुक्त व्यापार की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ हैं।

अधिकारी ने कहा कि ‘अतिरिक्त बाधाओं’ को लागू करने वाली नई नीति G-20 समूह में निवेश के लिए एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण और पारदर्शी वातावरण के लिए बनी आम सहमति के खिलाफ भी है।

ड्रैगन से निपटने के लिए मोदी सरकार ने चली नई चाल, बौखलाया चीन और कही ये बात

Modi government moves to deal with dragon, China slams India

Modi government moves to deal with dragon, China slams India

  • भारत ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमो में संशोधन किया है
  • चीन समेत कई पड़ोसी देशों से आने वाले एफडीआई में बाधा खड़ी हो गई है
  • चीन ने भारत के इस कदम पर नाराजगी जाहिर की है और कहा यह WTO के सिद्धांतों का उल्लंघन है

नई दिल्ली : भारत सरकार ने हाल ही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के बीच किसी भी भारतीय कंपनी का अवसर पाकर अधिग्रहण करने की कोशिश को रोकने के लिए सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में संशोधन किया है। जमीनी बॉर्डर साझा करने वाले देशों से आने वाले विदेशी निवेश के लिए सरकारी मंजूरी को अनिवार्य बना दिया गया है। इस कदम से चीन समेत कई पड़ोसी देशों से आने वाले एफडीआई में रूकावट खड़ी हो गई है। इससे बौखलाकर चीन ने सोमवार इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि WTO के सिद्धांतों का उल्लंघन है। फ्री और फेयर ट्रेड के खिलाफ है।

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