एक व्यापार

बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं?

बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं?
रिपोर्ट एक पूर्ण विकसित पेड़ के वित्तीय मूल्य को ध्यान में रखती है, जिसे अक्सर परियोजना के प्रस्तावकों द्वारा अनदेखा किया गया है. उनके विश्लेषण के अनुसार, 300 पूर्ण विकसित पेड़ों का मूल्य जो उनकी प्राकृतिक उम्र से 100 साल पहले कम से कम 2.2 बिलियन (220 करोड़) है. इससे पहले पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर रेलवे ओवर ब्रिज ( RoB) के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई के मामले में सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा था. ग्रीन कवर को संरक्षित किया जाना चाहिए. ये गिरावट इतनी तेजी से हो रही है कि किसी को भी पता चलने से पहले कई चीजें स्थायी रूप से चली जाएंगी. लोग विकल्प तलाशने को तैयार नहीं हैं। पेड़ों को काटे बिना रास्ता बनाने का कोई तरीका हो सकता है.

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेड़ों की कटाई का मामला, SC ने केंद्र सरकार से पूछे सवाल

बांग्लादेश की जलवायु समृद्धि योजना कितनी व्यावहारिक है?

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से लड़ने के लिए अमीर देशों की कथित खोखली घोषणाओं की आलोचना की है. इनकी बजाय, बांग्लादेश खुद भविष्य में जीरो-कार्बन की एक योजना लेकर सामने आया है.

ग्लासगो में COP26 जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में, बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना ने अमीर देशों से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करने और कम अमीर देशों को सालाना सौ अरब डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करने संबंधी वादे को पूरा करने का आह्वान किया है.

शेख हसीना का कहना है कि बांग्लादेश के कार्बन उत्सर्जन को ग्लोबल वॉर्मिंग के महज एक मामूली से हिस्से के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. विकसित देशों में प्रति व्यक्ति करीब 20 टन की तुलना में बांग्लादेश मौजूदा समय में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष करीब 0.3 टन कार्बन उत्सर्जित कर रहा है.

आर्थिक विकास को खतरा

जलवायु परिवर्तन पर अंतरसरकारी पैनल यानी आईपीसीसी की रिपोर्ट बताती है कि यदि धरती का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है तो आने वाले दशकों में तेज गर्मी तो पड़ेगी ही, ग्रीष्म ऋतुएं लंबी और शीत ऋतु छोटी होने लगेगी. रिपोर्ट में पाया गया है कि यदि औसत वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होती है, तो गर्मी का चरम कृषि और स्वास्थ्य के हानिकारक स्तर तक पहुंच जाएगा.

खातून कहती हैं, "आईपीसीसी की छठी आकलन रिपोर्ट पहले ही दिखा चुकी है कि जितना सोचा गया था उससे कहीं ज्यादा खतरनाक प्रभाव है. यह आर्थिक विकास को भी पलट कर रख देगा. आर्थिक गतिविधियों को व्यापक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ेगा और आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर इसका नकारात्मक प्रभाव सबसे ज्यादा होगा.”

क्या है जलवायु समृद्धि योजना?

सीवीएफ अध्यक्ष के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में, शेख बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं? हसीना ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आर्थिक समृद्धि में बदलाव पर बातचीत शुरू की. बांग्लादेश साल 2031 तक अपनी अर्थव्यवस्था को दोगुना करके इसे 409 अरब डॉलर तक पहुंचाना चाहता है और खुद को मध्य आय वर्ग वाला देश बनाना चाहता है.

अक्टूबर में फाइनेंशियल टाइम्स अखबार में छपे एक लेख में उन्होंने "खोखले वादों” की बजाय "जलवायु समृद्धि योजना” की वकालत की थी. हसीना का कहना है, "बांग्लादेश जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए समाधान के मार्ग का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसा हम न केवल इसलिए करना चाहते हैं कि हम जलवायु परिवर्तन के सबसे बुरे प्रभाव को टालना चाहते हैं बल्कि यह आर्थिक समझ के अंतर्गत भी आता है. शून्य-कार्बन विकास में निवेश करना अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजित करने और यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है कि हमारा देश अधिक समृद्ध बने.”

आर्थिक विकास को खतरा

जलवायु परिवर्तन पर अंतरसरकारी पैनल यानी आईपीसीसी की रिपोर्ट बताती है कि यदि धरती का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है तो आने वाले दशकों में तेज गर्मी तो पड़ेगी ही, ग्रीष्म ऋतुएं लंबी और शीत ऋतु छोटी होने लगेगी. रिपोर्ट में पाया गया है कि यदि औसत वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होती है, तो गर्मी का चरम कृषि और स्वास्थ्य के हानिकारक स्तर तक पहुंच जाएगा.

खातून कहती हैं, "आईपीसीसी की छठी आकलन रिपोर्ट पहले ही दिखा चुकी है कि जितना सोचा गया था उससे कहीं ज्यादा खतरनाक प्रभाव है. यह आर्थिक विकास को भी पलट कर रख देगा. आर्थिक गतिविधियों को व्यापक रूप से बाधाओं का सामना करना पड़ेगा और आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर इसका नकारात्मक प्रभाव सबसे ज्यादा होगा.”

क्या है जलवायु समृद्धि योजना?

सीवीएफ अध्यक्ष के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में, शेख हसीना ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आर्थिक समृद्धि में बदलाव पर बातचीत शुरू की. बांग्लादेश साल 2031 तक अपनी अर्थव्यवस्था को दोगुना करके इसे 409 अरब डॉलर तक पहुंचाना चाहता है और खुद को मध्य आय वर्ग वाला देश बनाना चाहता है.

अक्टूबर में फाइनेंशियल टाइम्स अखबार में छपे एक लेख में उन्होंने "खोखले वादों” की बजाय "जलवायु समृद्धि योजना” की वकालत की थी. हसीना का कहना है, "बांग्लादेश जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए समाधान के मार्ग का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसा हम न केवल इसलिए करना चाहते हैं कि हम जलवायु परिवर्तन के सबसे बुरे प्रभाव को टालना चाहते हैं बल्कि यह आर्थिक समझ के अंतर्गत भी आता है. शून्य-कार्बन विकास में निवेश करना अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजित करने और यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है कि हमारा देश अधिक समृद्ध बने.”

हरित तकनीक का रास्ता

पांच विषयों पर केंद्रित इस योजना में मौजूदा योजनाओं को पूरा करना, नवीकरणीय ऊर्जा की ओर संक्रमण, कुशल और हरित ऊर्जा केंद्र बनाना, वैश्विक धन तक पहुंच प्रदान करना और देश के युवाओं के हितों में निवेश करना शामिल है. बांग्लादेश के शीर्ष अधिकारियों का मानना ​​​​है कि इस योजना से देश का सकल घरेलू उत्पाद 6.8 फीसद तक बढ़ सकता है और योजना के तहत 41 लाख नए रोजगार पैदा किए जा सकते हैं. साथ ही बांग्लादेश साल 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा से अपनी एक तिहाई ऊर्जा की जरूरत पूरी कर सकता है.

शेख हसीना का कहना है कि बांग्लादेश मैंग्रोव जंगलों को पुनर्जीवित करने के लिए अपने तट के साथ पवन खेतों का विकास करेगा जो कि बदलते तटों को स्थिर करने में मदद करते हैं और देश को तूफान और बाढ़ से बचाते हैं. वह लिखती हैं, "हम बैंकों को जीवाश्म ईंधन मुक्त बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अनुकूल शर्तों की पेशकश करने और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में विकसित देशों के साथ सहयोग करने के लिए सशक्त करेंगे.”

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बांग्लादेश ने एक ही बार में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ाया पेट्रोल का दाम, देश में पहली इस स्तर पर पहुंची कीमतें

बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत में 51 फीसदी की वृद्धि की गई.

बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत में 51 फीसदी की वृद्धि की गई.

पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश ने ईंधन की कीमत में 51 फीसदी का इजाफा कर दिया है. सरकार का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण यहां भी दाम बढ़ाना अनिवार्य हो गया था. इससे बांग्लादेश में महंगाई और बढ़ने के आसार हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated : August 07, 2022, 12:46 IST
बांग्लादेश में पेट्रोल की कीमत में 51 फीसदी और डीजल के मूल्य में 42 फीसदी की वृद्धि.
सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत वृद्धि के कारण लिया गया फैसला.
बांग्लादेश में महंगाई पिछले 9 महीने से 6 फीसदी के ऊपर है.

नई दिल्ली. बांग्लादेश में शनिवार को पेट्रोल की कीमतों में 51.7 फीसदी और डीजल की कीमत में 42 फीसदी का इजाफा कर दिया गया. इससे बांग्लादेश में महंगाई और बढ़ने के आसार हैं. हालांकि, ईंधन में मूल्य वृद्धि से बांग्लादेशी सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम हो जाएगा. बांग्लादेश पिछले कुछ वर्षों से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है. मौजूदा समय में इसकी अर्थव्यवस्था 416 अरब डॉलर की है.

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कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया हम इसे ठहरने वाला नहीं मानते हैं. हम इस बात से सहमत नहीं हैं कि यदि परियोजना 100 किमी से कम है तो आपको EIA की आवश्यकता नहीं है, हम किसी को इसे चुनौती देने के लिए कहेंगे या खुद नोटिस जारी करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कि वे ऐसी परियोजनाओं के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करना चाहते हैं और बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं? यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उन विकल्पों पर विचार किया जाए जो पर्यावरण की दृष्टि से कम हानिकारक हैं. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण को ड्राफ्ट प्रोटोकॉल तैयार करने को कहा है. अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी.

दरअसल पश्चिम बंगाल पर हेरिटेज पेड़ों के मुद्दे पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और समिति के एक सदस्य सुनीता नारायण की एक अलग रिपोर्ट दी गई है. उक्त विशेषज्ञ समिति को एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किया गया था. याचिका में 4036 पेड़ों (लगभग 200 वर्ष या उससे अधिक पुराने और विलुप्तप्राय पेड़ों को शामिल किया गया है) की रक्षा करने का अनुरोध किया गया है, जो सड़क चौड़ीकरण परियोजना और पश्चिम बंगाल में रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण के लिए काटे जाने हैं. रिपोर्ट में विशेषज्ञ बांग्लादेश में वित्तीय नियम क्या हैं? समिति ने प्राकृतिक पूंजी को भी ध्यान में रखते हुए लागत / लाभ विश्लेषण किया है.

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